बदलते मौसम में तबीयत खराब होने पर क्या करें? अपनाएं ये आसान उपाय
मौसम बदलते ही कई लोगों की तबीयत खराब होने लगती है। कभी अचानक गर्मी बढ़ जाती है, तो कभी बारिश के साथ ठंडक महसूस होने लगती है। ऐसे में शरीर को नए मौसम के अनुसार ढलने में थोड़ा समय लगता है। इसी वजह से सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, कमजोरी और हल्का बुखार जैसी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं।
अगर मौसम बदलते ही आपकी तबीयत भी बिगड़ने लगती है, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप खुद को बेहतर रख सकते हैं।
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बदलते मौसम में तबीयत क्यों खराब होती है?
मौसम में अचानक बदलाव होने पर शरीर को तापमान के साथ तालमेल बैठाना पड़ता है। इसके अलावा इस दौरान वायरल संक्रमण और एलर्जी जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक होने पर शरीर पर इसका असर पड़ सकता है। इसी कारण कई लोगों को मौसम बदलने के साथ ही गले में खराश, छींक, नाक बहना या कमजोरी महसूस होने लगती है।
तबीयत खराब होने पर सबसे पहले क्या करें?
अगर हल्की तबीयत खराब लग रही है तो सबसे पहले शरीर को आराम दें। काम के बीच थोड़ा आराम करना और रात में पूरी नींद लेना जरूरी है।
साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। शरीर में पानी की कमी होने से कमजोरी और थकान ज्यादा महसूस हो सकती है।
खाने में बहुत ज्यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन लेने से बचें। घर का बना हल्का और पौष्टिक खाना लेना बेहतर रहता है।
गुनगुना पानी पी सकते हैं
गला खराब होने या हल्की खराश होने पर गुनगुना पानी पीने से आराम मिल सकता है। कुछ लोगों को गुनगुने पानी से गरारे करने पर भी राहत महसूस होती है।
हालांकि अगर गले में ज्यादा दर्द है या समस्या लगातार बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
खाने-पीने का रखें ध्यान
मौसम बदलने के दौरान खाने-पीने की आदतों पर ध्यान देना काफी जरूरी है। कोशिश करें कि भोजन ताजा और घर का बना हुआ हो।
दाल, हरी सब्जियां, मौसमी फल, दूध या अन्य पौष्टिक चीजों को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए केवल किसी एक चीज पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार लेना ज्यादा जरूरी है।
मौसम के अनुसार कपड़े पहनें
बदलते मौसम में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर हो सकता है। इसलिए कपड़े भी मौसम के हिसाब से पहनें।
सुबह या रात में ठंडक ज्यादा हो तो शरीर को ढककर रखें। वहीं अगर दिन में गर्मी ज्यादा है तो जरूरत से ज्यादा गर्म कपड़े पहनने से बचें।
बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक न रहें और जल्द से जल्द कपड़े बदल लें।
घर की साफ-सफाई भी जरूरी है
मौसम बदलने के दौरान धूल और गंदगी से भी परेशानी बढ़ सकती है। जिन लोगों को धूल से एलर्जी होती है, उन्हें खास सावधानी रखनी चाहिए।
घर में धूल जमा न होने दें और कमरे में हवा का सही आवागमन रखें। बाहर से आने के बाद हाथ-पैर साफ करना भी अच्छी आदत है।
पर्याप्त नींद लें
अच्छी नींद शरीर के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप लगातार कम सो रहे हैं तो थकान और कमजोरी ज्यादा महसूस हो सकती है।
इसलिए कोशिश करें कि रोजाना पर्याप्त नींद मिले। तबीयत खराब होने पर शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा ज्यादा आराम देना भी फायदेमंद हो सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
हर छोटी परेशानी के लिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन कुछ लक्षणों को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
अगर तेज बुखार हो, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो या तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से परेशान लोगों में विशेष सावधानी रखना जरूरी है।
बदलते मौसम में स्वस्थ रहने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
पर्याप्त पानी पीते रहें।
घर का ताजा और पौष्टिक खाना खाएं।
पूरी नींद लेने की कोशिश करें।
मौसम के अनुसार कपड़े पहनें।
घर और आसपास साफ-सफाई रखें।
धूल और गंदगी से बचें।
बहुत ज्यादा तला-भुना खाना कम करें।
तबीयत खराब होने पर पर्याप्त आराम करें।
परेशानी ज्यादा होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
आखिर में
मौसम का बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान थोड़ी सावधानी रखना हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। सही खान-पान, पर्याप्त नींद, साफ-सफाई और आराम जैसी छोटी आदतें हमें मौसम के बदलाव के साथ स्वस्थ रहने में मदद कर सकती हैं।
अगर तबीयत सामान्य से ज्यादा खराब हो रही है या लक्षण कई दिनों तक बने रहते हैं, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
आपका शुभचिंतक हमेशा कोशिश करता है कि स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी जरूरी जानकारी आपको आसान भाषा में मिल सके। अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें और स्वस्थ रहें।
